
अवध की शान – आपकी अपनी पहचान
अर्पित सिंह श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य सम्पादक
अम्बेडकरनगर जनपद में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान बैंक मैनेजरों की मनमानी के कारण बेपटरी पर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट/योजना के पात्र लाभार्थी युवाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। युवाओं को लाभान्वित करने में संबंधित विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
इस गति से शासन के द्वारा निर्धारित किए गए लक्ष्य का पूरा होना काफी मुश्किल साबित होता दिखाई पड़ रहा है। कारण जान कर रह जाएंगे हैरान आप को बता दें कि 700 के लक्ष्य के सापेक्ष महज 44 को ही अभी तक योजना का लाभ मिल सका है। तब जब लक्ष्य से करीब दो गुना अधिक जनपद के युवाओ ने आवेदन किया है।

उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को गति प्रदान कर सरकार मदद करती है। योजना में बेरोजगार युवाओं को पांच लाख रुपए तक की परियोजना के लिए चार वर्षों तक शत प्रतिशत ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
साथ ही परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान भी मिलता है। जिले में योजना के तहत 700 लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक कुल 1560 युवाओं ने आवेदन किया है। उपायुक्त उद्योग एस सिद्दीकी ने बताया कि बैंकों की ओर से अब तक 358 आवेदन स्वीकृत किया गया है। आवेदन को स्वीकृति देने के मामले में जनपद का प्रदेश में प्रथम रैंक है। स्वीकृति पाने वाली फाइलों में से महज 44 लोगों को ही अब तक बैंकों से ऋण दिया गया है।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि युवाओं के पास रोजगार खोलने का यह बहुत बड़ा अवसर है। उन्हें योजना का लाभ लेना चाहिए। योजना की समीक्षा लगातार की जा रही। आवेदनों के स्वीकृति के सापेक्ष ऋण वितरण के प्रगति की स्थिति ठीक नहीं है।
इसके चलते विभागों एवं बैंकर्स को स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद के हर गांव तक योजना का व्यापक प्रचार प्रसार करने, पंपलेट बंटवाने, लोगों को योजना की जानकारी देने तथा कैंप लगाकर युवाओं को योजना लाभ दिलाने के निर्देश हैं।
__एस सिद्दीकी, उपायुक्त, जिला उद्योग, अम्बेडकरनगर
अगर इसी प्रकार रोजगार के अवसर प्रदान करने के