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वन रक्षक बने भक्षक, हरियाली दे रहे पेड़ो पर आरा चलाने की घूस लेकर छूट देने के मामले में वन सिपाही का वीडियो वायरल, जिला वन अधिकारी ने जांच का दिया आदेश

टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत वन विभाग का एक सिपाही भ्रष्टाचार की मकड़जाल में फंस गया हैं। ज्ञात हो कि टांडा तहसील के दौलतपुर हजलपट्टी में तैनात वन विभाग का हल्का सिपाही सूर्य नाथ का हरे भरे पेड़ो पर अवैध रूप से आरा चलाकर लकड़ी कटान करने की छूट देने के उद्देश्यों से रिश्वत लेते हुए वीडियो संज्ञान में आया है।

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अर्पित सिंह श्रीवास्तव मुख्य सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार

अम्बेडकरनगर जनपद की टांडा तहसील क्षेत्र अंतर्गत वन विभाग का एक सिपाही भ्रष्टाचार की मकड़जाल में फंस गया हैं। ज्ञात हो कि टांडा तहसील के दौलतपुर हजलपट्टी में तैनात वन विभाग का हल्का सिपाही सूर्य नाथ का हरे भरे पेड़ो पर अवैध रूप से आरा चलाकर लकड़ी कटान करने की छूट देने के उद्देश्यों से रिश्वत लेते हुए वीडियो संज्ञान में आया है।

गौरतलब हैं कि स्थानीय निवासी विनय द्वारा अवैध रूप से हरे भरे पेड़ो पर आरा चलाकर लकड़ी कटान कराई गई थी, जब उक्त बात वन सिपाही सूर्यनाथ के संज्ञान में आई तो उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने के बदले लकड़ी कटान करने वाले से 5 हजार रुपए की मांग की। विनय ने पहले ही 2500 सौ रुपए का भुक्तान सिपाही को कर दिया था, और शेष राशि बाद में देने का वादा किया।

जब विनय ने वन सिपाही सूर्यनाथ को कुछ दिनों तक बाकी बची धनराशि नहीं दिया तो सिपाही ने उसे फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया, इस पूरे प्रकरण का ऑडियो रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच पैसों के लेनदेन की बातचीत स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती हैं।

उपरोक्त प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए प्रभागीय वन अधिकारी ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है। उक्त घटना वन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं, जहां वन रक्षक भक्षक बन बैठे हैं।

और कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने वालों से साठगांठ कर रहे हैं। हालांकि इस तरह का मामला हमेशा प्रकाश में आता है, की हरे भरे पेड़ो पर आरा चलाने का परमिशन पैसों के बल पर अवैध रूप से करने की खुली छूट दी जाती हैं, जब मामला कही मैनेज नहीं होता तो इक्कादुक्का कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी जाती हैं।

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